तुम देना साथ मेरा

तुम देना साथ मेरा

Saturday, 6 August 2016

फिर उठा वो सवाल सकते हो.......लक्ष्मीनारायण ‘पयोधि’


ख़्वाब आंखों में पाल सकते हो.
दिल से लोहू निकाल सकते हो.


चाहना मत किसी भी तितली को,

तुम मुसीबत में डाल सकते हो.


मेरे अरमान फ़लक पर रोशन,
कोई पत्थर उछाल सकते हो.



जिसका मिलता नहीं जवाब कभी,
फिर उठा वो सवाल सकते हो.



उनके क़दमों से बनीं जो राहें,
रख नज़र में मिसाल सकते हो.
    
----लक्ष्मीनारायण ‘पयोधि’

3 comments:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" सोमवार 08 अगस्त 2016 को लिंक की गई है.... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  2. जिसका मिलता नहीं जवाब कभी
    फिर उठा वो सवाल सकते हो । वाह , बहुत खूब !!

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  3. जिसका मिलता नहीं जवाब कभी
    फिर उठा वो सवाल सकते हो । वाह , बहुत खूब !!

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