धरोहर

Thursday, 26 January 2012

अच्छा पाठक बनना भी एक कला..............अफ्रीकी लेखक बेन ओकरी की राय

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'अच्छा लेखक बनने की पहली शर्त है अच्छा पाठक बनना। लेखन की कला के साथ ही पढ़ने की कला भी विकसित की जानी चाहिए ताकि हम और बुद्धिमत्ता व स...
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Tuesday, 24 January 2012

भले हों साथ रातो-दिन सभी हमदम नहीं होते ..................डॉ.महेंद्र अग्रवाल

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गरीबों के लिये चावल कभी चमचम नहीं होते सियासी लोग, ज़ख्मों पर कभी मरहम नहीं होते मुझे वालिद ने दी ये सीख संगत देखकर मेरी भले हों साथ रातो...
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Friday, 20 January 2012

चेहरा.....................तरुण पन्त

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मैने देखा चिंता और प्यार, झुर्रियों की तह के पीछे, डबडबाती हुई आँखों में अजीब सी चमक, और चेहरे पे एक खोखली सी हँसी, मैले फटे हाथों की लकीरों...
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Thursday, 19 January 2012

चलो दोस्ती की नई रस्म डालें................देवी नागरानी

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बहारों का आया है मौसम सुहाना नये साज़ पर कोई छेड़ो तराना। ये कलियाँ, ये गुंचे ये रंग और ख़ुशबू सदा ही महकता रहे आशियाना। हवा का तरन्नुम...
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गंगा की हिफाजत मजहब – ए – हिंद है.......................आलोक तिवारी

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विष्णु के पा से ये चरम – ए – सफा हुआ तीनों जहां की शान में सिवा ईजाफा हुआ । गंगा तेरी जबीं पे लिख्खा पयाम – ए – गम आवाज – ए – दिलखराश प...
Saturday, 14 January 2012

जानवर...............................के.पी.सक्सेना

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क्षणिकाएं (1) जानवर की कोख से जनते न देखा आदमी आदमी की नस्ल फिर क्यों जानवर होने लगी। (2) गो पालतू है जानवर पर आप चौकन्ने रहें क्या पता किस ...
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Friday, 13 January 2012

आँख मूँद देखा मैंने सूर्य समाया नयनों में आज......डॉ. दीप्ति गुप्ता

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एक विलक्षण अनुभूति सृष्टि नजर आ रही अनोखी-अनूठी............! निरभ्र, स्वच्छ, उजला आकाश सूर्य समाया नयनों में आज.... आज इच्छित, आराधित ...
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