धरोहर

Wednesday, 15 February 2012

महफिल में तेरी तुझसे ही लड़ूँगा.....................दिव्येन्द्र कुमार 'रसिक' .

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आज मैं अपनी हर बात पे अड़ूँगा, महफिल में तेरी तुझसे ही लड़ूँगा, जमाने गुजारे हैं मैने बन्दगी में तेरी, शान में तेरी न अब कशीदे पढ़ूँगा, ...
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Monday, 13 February 2012

कोई बदलाव की सूरत नहीं थी ..............................सचिन अग्रवाल "तन्हा "

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कोई बदलाव की सूरत नहीं थी बुतों के पास भी फुर्सत नहीं थी ...... अब उनका हक़ है सारे आसमां पर कभी जिनके सरों पर छत नहीं थी ................
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Tuesday, 7 February 2012

मील के पत्थर...............रचनाकार...नामालूम(कृपया बताएं)

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ना तो मैं हताश हूँ, ना ही मैं निराश हूँ| पर अपनी कमरफ्तारी पर, थोड़ा सा उदास हूँ|| कुछ कमी है रौशनी की अभी, रास्ते भी कुछ धुंधले से हैं| ...
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Friday, 3 February 2012

हुआ सवेरा .................................निदा फ़ाज़ली

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  हुआ सवेरा ज़मीन पर फिर अदब से आकाश अपने सर को झुका रहा है कि बच्चे स्कूल जा रहे हैं नदी में स्नान करने सूरज सुनारी मलमल की पगड़ी...

ओ वासंती पवन हमारे घर आना..............डॉ.कुंअर बेचैन

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बहुत दिनों के बाद खिड़कियाँ खोली हैं ओ वासंती पवन हमारे घर आना। जडे़ हुए थे ताले सारे कमरों में धूल-भरे थे आले सारे कमरों में । उलझन...
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Thursday, 26 January 2012

अच्छा पाठक बनना भी एक कला..............अफ्रीकी लेखक बेन ओकरी की राय

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'अच्छा लेखक बनने की पहली शर्त है अच्छा पाठक बनना। लेखन की कला के साथ ही पढ़ने की कला भी विकसित की जानी चाहिए ताकि हम और बुद्धिमत्ता व स...
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Tuesday, 24 January 2012

भले हों साथ रातो-दिन सभी हमदम नहीं होते ..................डॉ.महेंद्र अग्रवाल

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गरीबों के लिये चावल कभी चमचम नहीं होते सियासी लोग, ज़ख्मों पर कभी मरहम नहीं होते मुझे वालिद ने दी ये सीख संगत देखकर मेरी भले हों साथ रातो...
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