धरोहर
Tuesday, 29 November 2011
अब फलक पर कोई तारा भी नहीं.........................ज़नाब साबिर इंदौरी
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हिज्र की सब का सहारा भी नहीं अब फलक पर कोई तारा भी नहीं बस तेरी याद ही काफी है मुझे और कुछ दिल को गवारा भी नहीं जिसको देखूँ तो मैं देख...
Sunday, 27 November 2011
नारी शक्ति................चरणलाल
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नारी चाहे तो आकाश धरा पर लादे नारी चाहे तो धरती को स्वर्ग बना दे नारी ने विपदा झेली है नारी शोलों से खेली है नारी अंगारों पर चलकर अंगार...
नीर कब तक यूँ बहाओगे .......................... मुकेश ठन्ना
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नीर कब तक यूँ बहाओगे ,, कब तलक सबको रुलाओगे ,, छोड़ दो दुनिया के ये झूठे रवाज ,, खुद को यूँ कब तक जलाओगे ,, ....सत्य से अब तुम यूँ लड़...
मैं यशोदा की वो बेटी.........आभा बोधिसत्व
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मैं यशोदा की वो बेटी जिसे ना नन्द बाबा ने बचाया ना वासुदेव ने दोनों पिता थे और दोनों ने मिलकर मारा मुझे ये तो अच्छी बात नहीं सोती रही य...
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मेरी ग़ज़ल यात्रा...........डॉ. वर्षा सिंह
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मेरी ग़ज़ल यात्रा...........डॉ. वर्षा सिंह
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Tuesday, 22 November 2011
धूल मिट्टी में अटा बेटा बहुत अच्छा लगा...............मुनव्वर राना
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कम से कम बच्चों के होंठों की हँसी की ख़ातिर ऐसे मिट्टी में मिलाना कि खिलौना हो जाऊँ जो भी दौलत थी वह बच्चों के हवाले कर दी जब तलक मैं न...
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