धरोहर
Saturday, 31 March 2012
साथ तेरे गर वो चल पाया नहीं...... नीरज गोस्वामी
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दिल का मेरे ये भी इक फ़ितूर है मानना हरगिज़ नहीं तू दूर है मींच कर के आँख फिर से देखिये हो गया गर ख़्वाब चकनाचूर है बात में उसकी सदा रहत...
दीप मेरे घर का जलता क्यों नहीं...... ममता किरण
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दायरे से वो निकलता क्यों नहीं ज़िंदगी के साथ चलता क्यों नहीं बोझ सी लगने लगी है ज़िंदगी ख़्वाब एक आँखों में पलता क्यों नहीं कब तलक भाग...
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जीवन के लिए जरूरी है............रामेश्वर काम्बोज
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थोडी़ - सी छाँव थोडी़- सी धूप। थोडी़ - सा प्यार थोडी़- सा रूप। जीवन के लिए जरूरी है... थोडा़ तकरार थोड़ी मनुहार। थोड़े -से...
छोड़ो मेरे दर्दे-ए-दिल की फिक्र तुम.........अधीर
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यहॉ कब कौन किसका हुआ है , इंसान जरुरत से बंधा हुआ है । मेरे ख्वाबो मे ही आते है बस वो, पाना उसको सपना बना हुआ है। सुनो,...
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फूल हों तेरी राह में है मेरी बस दुआ.....रिकी मेहरा
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जिन्हें याद करते हैं हम बस यूँ ही सदा उन्हें मेरी भी चाहत हो ज़रूरी तो नहीं फ़लसफ़ा मेरी मोहब्बत का मशहूर हो जहाँ उस महफ़िल में मेरा नाम आ...
Tuesday, 20 March 2012
मैं तो चाँद हूँ तन्हा ही रहा..........हेमज्योत्सना 'दीप'
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चेहरे बदलने का हुनर मुझमें नहीं, दर्द दिल में हो तो हँसने का हुनर मुझमें नहीं, मैं तो आईना हूँ तुझसे, तुझ जैसी ही बात करूँ, टूट कर सँवर...
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Saturday, 17 March 2012
मेरे जाने के बाद.............................स्मृति जोशी ''फाल्गुनी''
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कुछ मत कहना तुम मैं जानती हूँ मेरे जाने के बाद वह जो तुम्हारी पलकों की कोर पर रुका हुआ है चमकीला मोती टूटकर बिखर जाएगा गालों पर और त...
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