
सरकारी रचनाकार
सरकारी होकर
जीता कम है
पर ...
मरता अधिक है
सरकारी होना
रचनाकार का
जीत नहीं है
वरन् करारी हार है
सरकार की
वजह.. यही
सरकारी रचनाकार ..
असंतुष्ट हो....तो
नज़र आए हैं
ज़मीदोज़ करते
सरकार को
वजह..

माया..
सत्ता है
सरकार की
और यही..
माया....पगला
देती है रचनाकार को
और..पगला रचनाकार
रचता कब है !
माया की सत्ता पर...
जल..
बिखेर देता है ।
-मन की उपज