धरोहर
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एक नई सोच की कविता
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एक नई सोच की कविता
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Tuesday, 7 February 2012
मील के पत्थर...............रचनाकार...नामालूम(कृपया बताएं)
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ना तो मैं हताश हूँ, ना ही मैं निराश हूँ| पर अपनी कमरफ्तारी पर, थोड़ा सा उदास हूँ|| कुछ कमी है रौशनी की अभी, रास्ते भी कुछ धुंधले से हैं| ...
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Sunday, 27 November 2011
नारी शक्ति................चरणलाल
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नारी चाहे तो आकाश धरा पर लादे नारी चाहे तो धरती को स्वर्ग बना दे नारी ने विपदा झेली है नारी शोलों से खेली है नारी अंगारों पर चलकर अंगार...
मैं यशोदा की वो बेटी.........आभा बोधिसत्व
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मैं यशोदा की वो बेटी जिसे ना नन्द बाबा ने बचाया ना वासुदेव ने दोनों पिता थे और दोनों ने मिलकर मारा मुझे ये तो अच्छी बात नहीं सोती रही य...
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Tuesday, 15 November 2011
चेतावनी.....................चरऩ लाल
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चेतावनी मैंने अपने बच्चे से कह दिया है अभी से थोड़ा थोड़ा विष पीना प्रारंभ कर दे ताकि मेरी आँख बंद होने तक तू इतना जहरीला हो जाए कि य...
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