तुम देना साथ मेरा

तुम देना साथ मेरा

Thursday, 30 August 2012

हमारी याद आएगी...........रचनाकार :: अज्ञात

किसी से चोट खाओगे

हमारी याद आएगी,

तलाशोगे एक कतरा प्यार का,

किसी से कह न पाओगे,

तलाशोगे मुझे फिर तुम,

दिलों की तनहाइयों में,

कभी जब तनहा बैठोगे,

हमारी याद आएगी.

लौटा हूँ बहुत मायूस होकर

मैं तेरे दर से,

कभी खामोश बैठोगे

हमारी याद आएगी

समेट लेता सारे अश्क

तेरी आँखों की कोरों से,

कभी जब अश्क देखोगे

हमारी याद आएगी...!! 

रचनाकार:: अज्ञात 

प्रस्तुतिकरण :: सोनू अग्रवाल

19 comments:

  1. वाह क्या बात है , बहुत खूब

    ReplyDelete
    Replies
    1. शुक्रिया अरुण भाई
      ये कविता किसने लिखी मालूम हो तो बताइयेगा

      Delete
  2. वाह ... बहुत खूब

    ReplyDelete
  3. धन्यवाद दीदी

    ReplyDelete
  4. कभी जब तनहा बैठोगे,

    हमारी याद आएगी.

    ReplyDelete
  5. शुक्रिया भाई

    ReplyDelete
  6. Replies
    1. शुक्रिया भाई सुनील

      Delete
  7. सुन्दर और सार्थक सृजन, बधाई.

    कृपया मेरे ब्लॉग" meri kavitayen " की नवीनतम पोस्ट पर पधारकर अपना स्नेह प्रदान करें, आभारी होऊंगा .

    ReplyDelete
  8. kabhi khamosh baithoge;;
    kabhi kuch gungunaoge;;
    main utna yaad aaunga;;
    mujhe jitna bhulaoge..

    bahut sundar;;;;

    ReplyDelete
  9. आभार जितेन्द्र भाई

    ReplyDelete
  10. समेट लेता सारे अश्क

    तेरी आँखों की कोरों से,

    कभी जब अश्क देखोगे

    हमारी याद आएगी...!!

    सुन्दर पंक्तियाँ

    ReplyDelete
  11. ***********************************************
    धन वैभव दें लक्ष्मी , सरस्वती दें ज्ञान ।
    गणपति जी संकट हरें,मिले नेह सम्मान ।।
    ***********************************************
    दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
    ***********************************************
    अरुण कुमार निगम एवं निगम परिवार
    ***********************************************

    ReplyDelete
  12. bahut khoob "bavon ko to pata milgya,nirakar sakar ho gya, तेरी आँखों की कोरों से,

    कभी जब अश्क देखोगे

    हमारी याद आएगी...!!

    रचनाकार:: अज्ञात

    ReplyDelete
  13. तलाशोगे मुझे फिर तुम,

    दिलों की तनहाइयों में,

    कभी जब तनहा बैठोगे,

    हमारी याद आएगी.

    bahut shandaar rachna

    ReplyDelete
  14. लौटा हूँ बहुत मायूस होकर
    मैं तेरे दर से,
    कभी खामोश बैठोगे
    हमारी याद आएगी

    अति उत्तम !!

    आशु

    ReplyDelete
  15. bahut hi khoobsurat rachna ..dil ko chu gai...saajha karne ke liye shukriya mere blog par bhi aapka swagat hai :-)
    मेरा लिखा एवं गाया हुआ पहला भजन ..आपकी प्रतिक्रिया चाहती हूँ ब्लॉग पर आपका स्वागत है

    Os ki boond: गिरधर से पयोधर...


    ReplyDelete